
मिडिल ईस्ट की जंग का असर अब सीधे पाकिस्तान की सड़कों पर दिख रहा है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें हैं, कीमतें आसमान पर हैं और लोगों के धैर्य का टैंक भी लगभग खाली हो चुका है।
इसी बीच पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार Najam Sethi ने लाइव टीवी पर ऐसी बात कह दी जिसने वहां की सियासत में हलचल मचा दी। सवाल सीधा था और चुभता हुआ भी अगर भारत को राहत मिल सकती है तो पाकिस्तान क्यों नहीं?
पेट्रोल 321 रुपये, जनता लाइन में
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल सप्लाई में बाधा के कारण पाकिस्तान में ईंधन संकट गहरा गया है। सरकार ने एक झटके में पेट्रोल और डीजल के दाम 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए। अब हालात यह हैं कि पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 321.17 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल लगभग 335.86 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
होर्मुज स्ट्रेट का असर, पाकिस्तान का हाल बेहाल
तेल संकट की जड़ में मिडिल ईस्ट का तनाव है, खासकर Strait of Hormuz के आसपास की स्थिति। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल गुजरता है।
सप्लाई बाधित होने के बाद तेल आयात पर निर्भर देशों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और पाकिस्तान उनमें सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक बन गया है।
टीवी पर भड़के नजम सेठी, सरकार टेंशन में
एक टीवी डिबेट में Najam Sethi ने सरकार की नीतियों पर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को ऊर्जा संकट से बचाना है तो नेतृत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भारत को रूस से तेल खरीदने की छूट मिल सकती है, तो पाकिस्तान क्यों पीछे रह गया।

सरकार पर तीखे सवाल, सरकार बेहाल
सेठी ने सीधे Shehbaz Sharif सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि संकट का पूरा बोझ जनता पर डाल दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कीमतें बढ़ानी ही थीं तो पहले सरकार को अपने खर्च और नौकरशाही की सुविधाओं में कटौती करनी चाहिए थी।
डेंजर जोन में तेल का स्टॉक
रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में ईंधन का भंडार तेजी से घट रहा है।
- पेट्रोल स्टॉक: लगभग 26 दिन
- डीजल स्टॉक: करीब 25 दिन
- क्रूड ऑयल: सिर्फ 10 दिन
यानी अगर सप्लाई जल्द नहीं सुधरी तो संकट और गहरा सकता है।
यहाँ भी भारत का उदाहरण
संकट की तुलना करते हुए सेठी ने भारत का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि India ने ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अलग-अलग देशों से तेल आयात के विकल्प बनाए हैं।
उनके मुताबिक पाकिस्तान को भी अपनी ऊर्जा रणनीति पर गंभीरता से काम करना होगा।
